यूरेनियम का एक नाभिक विरामावस्था में थोरियम और हीलियम के नाभिकों में क्षयित होता है। तो:

  • A
    हीलियम नाभिक का संवेग थोरियम नाभिक से कम होता है।
  • B
    हीलियम नाभिक का संवेग थोरियम नाभिक से अधिक होता है।
  • C
    हीलियम नाभिक की गतिज ऊर्जा थोरियम नाभिक से कम होती है।
  • D
    हीलियम नाभिक की गतिज ऊर्जा थोरियम नाभिक से अधिक होती है।

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नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) को सबसे अच्छी तरह से किसके द्वारा समझाया जा सकता है?
[$AIPMT$ $2000$]

निम्नलिखित कथनों $A$ और $B$ पर विचार करें। दिए गए उत्तर में सही विकल्प की पहचान करें।
$A$. न्यूक्लियॉन के बीच $p-n, p-p$ और $n-n$ बल समान नहीं हैं और आवेश पर निर्भर हैं।
$B$. परमाणु रिएक्टर में, यदि न्यूट्रॉन पुनरुत्पादन कारक $k > 1$ है, तो विखंडन अभिक्रिया त्वरित अवस्था में होगी।

औसतन,$U^{235}$ के एक नाभिक के विखंडन (fission) से कितने न्यूट्रॉन मुक्त होते हैं?

एक थर्मोन्यूक्लियर अभिक्रिया में $1 \, g$ हाइड्रोजन का $0.993 \, g$ हीलियम में रूपांतरण होता है। मुक्त हुई ऊर्जा है

$100 \, kW$ क्षमता वाले परमाणु रिएक्टर में प्रति घंटे $U^{235}$ की कितनी मात्रा ($kg$ में) खपत होती है? $(E_s = 200 \, MeV/fission)$

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